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जॉन कार्टर... एक सैनिक। एक विद्रोही। एक इंसान जो इस दुनिया में नहीं बंधता। लेकिन किस्मत उसे ले जाती है... मंगल की धूल में। और वहाँ, वो बन जाता है... एक किंवदंती।

है वारजून तलवार, हाथ में गदा नहीं, बैरसूम से ऊँची छलाँग, ये जादू नहीं सही! "देजा थोरिस" पुकारे, प्रिंसेस है लाल रंग, बिना ऑक्सीजन के यार, मंगल का है ढोल संग!

धड़कन है बर्फ़ीली, पर आग है सीने में, जॉन कार्टर आया, अब डर किसी के मन में! हिंदी डब में दम है, जोश है जबरदस्त, बैरूम का तूफान, हर दुश्मन को नस्त!

"तुमने धरती जीती... अब मंगल बचाना है।" हर तरफ थार्क और मैटाई का नरसंहार, जॉन कार्टर का जवाब – एक ही वार। गोली से नहीं, रेत पे लिखी है कहानी, हिंदी में सुनो ये जंग, होगी मीठी हैरानी!

"रविवार सुबह 12 बजे... सिर्फ़ सेट पर। जॉन कार्टर – हिंदी में। तेज़, तगड़ा, तिलिस्मी।"

मंगल का योद्धा (Mangal Ka Yoddha – The Warrior of Mars )