तू चुप कर, बड़ा आया ज्ञानी। तेरे बाप ने भी पॉलिथीन ही तो डलवाई थी।
(तभी चंपा दीदी आती हैं, सब्जी के छिलके इधर-उधर फेंकती हुई) Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
अरे छोड़ो न राजू, साहब सड़क पर ही कूड़ा डालते हैं। मैं क्या कमीनी से डालूं? दृश्य 2: पॉलिथीन का आतंक (साहब अपनी दुकान से पॉलिथीन में सामान निकाल कर पॉलिथीन उड़ा देते हैं) तू चुप कर
कूड़े का बोझ और शहर का चेहरा Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
आज से मैं कूड़ा कंपोस्ट में डालूंगी।
मेरे बाप ने की गलती, पर मैं सुधर गया। आज से मैं कपड़े का थैला लेकर आऊंगा। आप भी जूट का थैला रखो।
साहब जी, हमारी टीचर ने बताया कि एक पॉलिथीन को खत्म होने में 500 साल लगते हैं। 500 साल! यानी हमारी परपोती भी उसी पॉलिथीन को देखेगी। शर्म करो!